ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक प्रहार
6-7 मई 2025 की रात को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर एक सटीक और शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई की। यह जवाब 22 अप्रैल को पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के बाद दिया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे।
मुख्य बिंदु:
संयुक्त सेना की कार्रवाई: 1971 युद्ध के बाद पहली बार थल सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ने मिलकर यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
टारगेट: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय जैसे आतंकी ठिकाने, बहावलपुर और मुरीदके में ध्वस्त किए गए।
हथियार: राफेल लड़ाकू विमानों से SCALP क्रूज मिसाइलों का प्रयोग किया गया, जो भूमिगत बंकर भी नष्ट कर सकती हैं। साथ ही कामिकेज़ ड्रोन (Loitering ammunition) का भी इस्तेमाल हुआ।
नागरिक सुरक्षा: केवल आतंकी ठिकानों को ही टारगेट किया गया, किसी भी नागरिक या पाकिस्तानी सेना को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
नाम का अर्थ: "सिंदूर" उन वीर नारियों के सम्मान में चुना गया, जिनका सिंदूर (पति) आतंकवाद की भेंट चढ़ा। यह नाम भारत की संस्कृति और बलिदान की भावना को दर्शाता है।
ऑपरेशन की अवधि: ऑपरेशन रात 1:44 बजे शुरू होकर लगभग 25 मिनट में पूरा हुआ। निगरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल द्वारा की गई।
जनसमर्थन: भारत के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और आम जनता ने सेना के साहस को सलाम किया। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor ट्रेंड करता रहा।
निष्कर्ष: ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि देश के सम्मान, सुरक्षा और वीरता की प्रतीक थी।




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